1️⃣0️⃣🟧𝗦𝗔 𝗥𝗘 𝗚𝗔 𝗠𝗔 𝗣𝗔 𝕸𝖚𝖘𝖎𝖈 𝕲𝖗𝖔𝖚𝖕
*रिम-झिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाए मन*
*भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन*
*रिम-झिम गिरे सावन* ...
*जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे,*
*अरमाँ हमारे पलके न मूंदे*
*कैसे देखे सपने नयन, सुलग सुलग जाए मन*
*भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन*
*रिम-झिम गिरे सावन* ...
*महफ़िल में कैसे कह दें किसी से*,
*दिल बंध रहा है किस अजनबी से*
*हाय करे अब क्या जतन, सुलग सुलग जाए मन* *भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन* *रिम-झिम गिरे सावन* ...
*सभी नये मेम्बेर्स के लिए जरूरी सूचना*
*ये पारिवारिक ग्रुप है*
*यहाँ परिवारिक महिलाएं भी है जो आपकी मा बहन भी हो सकती है😊🙏🏼*